Sep 03, 2026

देवभूमि बनेगी योग-आयुर्वेद का वैश्विक केंद्र: सीएम धामी से मिले बाबा रामदेव, स्वास्थ्य पर्यटन और रोजगार पर हुई अहम चर्चा

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देहरादून। उत्तराखंड को योग,आयुर्वेद और प्राकृतिक चिकित्सा के वैश्विक हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। बुधवार को प्रसिद्ध योगगुरु बाबा रामदेव ने मुख्यमंत्री आवास पहुंचकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान दोनों दिग्गजों के बीच प्रदेश के सर्वांगीण विकास, योग-आयुर्वेद को बढ़ावा देने और उत्तराखंड की समृद्ध आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत को विश्व पटल पर नई पहचान दिलाने पर गहन विचार-विमर्श हुआ।

उत्तराखंड की योग, आयुर्वेद और प्राकृतिक चिकित्सा की पहचान को वैश्विक स्तर पर और मजबूत करने को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और योगगुरु बाबा रामदेव के बीच महत्वपूर्ण चर्चा हुई। बुधवार को योगगुरु बाबा रामदेव ने मुख्यमंत्री आवास पहुंचकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान प्रदेश के विकास के साथ-साथ योग, आयुर्वेद, प्राकृतिक चिकित्सा और उत्तराखंड की समृद्ध आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत से जुड़े विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड की पहचान केवल देवभूमि के रूप में ही नहीं, बल्कि योग, आयुर्वेद और प्राकृतिक चिकित्सा की भूमि के रूप में भी है। हिमालयी वातावरण, प्राकृतिक संपदा और आध्यात्मिक विरासत प्रदेश को इन क्षेत्रों के विकास के लिए विशेष रूप से अनुकूल बनाती है। राज्य सरकार उत्तराखंड की इस विशिष्ट पहचान को देश-दुनिया में और मजबूत बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि योग और आयुर्वेद भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। उत्तराखंड में इनसे जुड़े संसाधनों और संभावनाओं को व्यवस्थित तरीके से विकसित किया जाए तो इसका सीधा लाभ स्वास्थ्य क्षेत्र के साथ-साथ पर्यटन और रोजगार को भी मिल सकता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में आरोग्य, योग और आयुर्वेद आधारित पर्यटन की अपार संभावनाएं मौजूद हैं। धामी ने कहा कि उत्तराखंड आने वाले पर्यटकों को केवल धार्मिक और प्राकृतिक पर्यटन तक सीमित रखने के बजाय योग, ध्यान, आयुर्वेद और प्राकृतिक चिकित्सा से जोड़कर नए पर्यटन आयाम विकसित किए जा सकते हैं। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने में भी मदद मिलेगी। सरकार इन क्षेत्रों को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक कदम उठा रही है। बाबा रामदेव ने भी उत्तराखंड में योग, आयुर्वेद और प्राकृतिक चिकित्सा को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की प्राकृतिक संपदा, हिमालयी वातावरण और समृद्ध आध्यात्मिक विरासत इसे योग एवं आयुर्वेद के वैश्विक केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए बेहद अनुकूल बनाती है। मुलाकात को उत्तराखंड में वेलनेस और स्वास्थ्य पर्यटन की संभावनाओं को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। योग और आयुर्वेद को पर्यटन, स्वास्थ्य तथा स्थानीय अर्थव्यवस्था से जोड़ने की दिशा में यदि योजनाबद्ध तरीके से काम होता है तो प्रदेश के युवाओं के लिए नए अवसर पैदा हो सकते हैं।मुख्यमंत्री और योगगुरु के बीच हुई इस मुलाकात में उत्तराखंड की पारंपरिक ज्ञान संपदा को आधुनिक जरूरतों के साथ जोड़ने की संभावनाओं पर भी जोर रहा। सरकार की कोशिश है कि योग और आयुर्वेद को प्रदेश की पहचान का हिस्सा बनाने के साथ-साथ इन्हें आर्थिक विकास और रोजगार के नए माध्यम के रूप में भी विकसित किया जाए। उत्तराखंड की प्राकृतिक और आध्यात्मिक विरासत को देखते हुए योग, आयुर्वेद और प्राकृतिक चिकित्सा के क्षेत्र में प्रदेश के लिए संभावनाएं व्यापक हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री धामी और बाबा रामदेव की मुलाकात ने इन क्षेत्रों को नई दिशा देने की उम्मीदों को और मजबूत किया है।